उड़ाकर ले गए जुगनू मेरी आँखों से तब नींदे, मेरे ख्वाबों की चौखट पर खड़े आने को जब तुम थे...
मंगलवार, 28 मार्च 2017
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लिखे जिसकी मुहब्बत में ग़ज़ल कुछ गीत कुछ मुक्तक। हमारी चाह थी इतनी कि पहुँचे आह बस उस तक। बिना जाने हक़ीक़त रूठकर वो चल दिया ऐसे, उसे शायद ह...
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लिखे जिसकी मुहब्बत में ग़ज़ल कुछ गीत कुछ मुक्तक। हमारी चाह थी इतनी कि पहुँचे आह बस उस तक। बिना जाने हक़ीक़त रूठकर वो चल दिया ऐसे, उसे शायद ह...
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रोज सवेरे आए चिड़िया देखो मेरे आँगन में। गीत मधुर फिर गाए चिड़िया देखो मेरे आँगन में। दूर खड़े होकर यह जाना चिन्ता उसको बच्चो...

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